आज बदलते दौर में जो पीछे छूटा
वह छूट गया.बदलो अपने समाज की तस्वीर
.कुछ नया करों.बदलों रूढ़िवादी विचारधारा
और चूम लो नव गगन को
कहो कि हम भी प्रजापति है.पूरी सृष्टि की
रचना कर्ता हैं.
आज जो हमारा जीवन है.नये सिरे से लिखना होगा
इतिहास.....मंजिल अब करीब है प्यारों...
बदलो अपने हृदय व मन को...लिखो कहानी...
नाम दर्ज करो इतिहास में....
.........जयचन्द प्रजापति इलाहाबाद
वह छूट गया.बदलो अपने समाज की तस्वीर
.कुछ नया करों.बदलों रूढ़िवादी विचारधारा
और चूम लो नव गगन को
कहो कि हम भी प्रजापति है.पूरी सृष्टि की
रचना कर्ता हैं.
आज जो हमारा जीवन है.नये सिरे से लिखना होगा
इतिहास.....मंजिल अब करीब है प्यारों...
बदलो अपने हृदय व मन को...लिखो कहानी...
नाम दर्ज करो इतिहास में....
.........जयचन्द प्रजापति इलाहाबाद
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